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भीमा कोरे गाँव 1जनवरी 1818 के महासंग्राम 500महारो की वीर गाथा

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  हमारे पराक्रम कि #गौरवशाली_वीर_गाथा रानी दमयंती दीप संपादक - कोमल अहिरवार "मूक़नायक " सभी भारतवासियों को 1 जनवरी शौर्य दिवस की हार्दिक संक्रांति, यही दिन है ग्लोबल बाबा साहब ने शौर्य दिवस घोषित किया और कोरेगांव शौर्य स्मारक पर हर साल जाते थे। पेशवा बाजीराव-II के 28000 सैनिक थे। हिज 500 बड़े सैनिकों ने पेशवा ब्राह्मणों के फौजों पर फौजों को हरा दिया। सैनिकों को उनकी वीरता और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। ये पेशवा वही थे जिनके राज्य में भारतवासी/मूलनिवासी अछूत बने थे और उनके गले में हांड़ी और कमर में झाड़ू के चलने का सख्त कारण था, उनकी छाया तक अछूत लग गई थी इसलिए उन्हें सिर्फ आधी रात को ही काम की छुट दी गई थी जब परछाई छोटी होती है| 'भीमा कोरेगांव' जहां बहुजन शौर्य का गौरवशाली इतिहास लिखा गया है “वो सिर्फ 500 थे, लेकिन दिल में जज्बा था कि जातिवाद को हराना है.. वे जान पर खेल गए, कई तो मरे, परास्तकार… भीमा कोरेगांव के मैदान से पेशवा ब्राह्मण की फौजों ने हिस्सा लिया। 1818 को उसी दिन महा सैनिकों ने पेशवाई को हराकर भारत को जातिमुक्त और लोकतांत्रिक...

मूलनिवासीयो की आजादी का प्रथम कदम...

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रानी दमयंती दीप. .. आज का दिन..भारत के मूलनिवासीयो की आजादी का प्रथम कदम था.. इस कदम को भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी ने 25 दिसम्बर1927 मे रखा था.. इस कदम ने भारत के मूलनिवासीयो की 2500वर्ष पुरानी गुलामी को उखाड़ फेकने रख गया था.. शूद्र कौन थे..? आज से लगभग 2500वर्ष पूर्व भारत मे एक विधान (कानून) लागू था.. जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के शोषण और गुलामी के नियम लिखें थे.. इस समय वर्ण व्यवस्था लागू थी.इस व्यवस्था मे सबसे श्रेष्ठ ब्राम्हण होता था उसके बाद क्षत्रिय फिर वैश्य था सबसे निम्न शूद्र.वर्ण था जिसका कर्तव्य ऊपर के तीनो वर्णो की सेवा करने वाले भारत के मूलनिवासी थे.. जो आर्यो के आगमन के देश के शासक थे, जिन्हे आर्यो ने छल कपट से हराकर गुलाम बना लिया था.. फ़िर उन्हें सदियों तक गुलाम बनाने एक काला कानून बनाया गया था जिसका नाम मनुस्मृति रखा गया!! इस काले कानून मे महिलाओ और शूद्रो को जानवर से बुरी स्तिथि मे रखा गया था.. इस काले कानून मे महिलाओ और शूद्रो को शिक्षा के अधिकार से वँचित रखा गया था.. अगर शूद्र या कोई भी वर्ण की महिला किसी शब्द का उच्चारण करती है तो.. उनकी जिव्हा(जीभ)का...