Posts

Showing posts from October, 2020

हम उनके वंशज है,जिन्हें आर्यो ने राक्षस औऱ असुर कहा- -

Komal Ahirwar"मूकनायक" रानी दमयंती दीप दमोह मध्यप्रदेश _*✍️ गौरी लंकेश का लेख ✍️                                                                                -: हमारा अपना महिषासुर :-                                                                                                                               महिषासुर और अन्य असुरों के प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण की क्या व्याख्या की जाए?                          ...

महिषासुर के वंशजों की दुर्दशा पर सरकार मूकदर्शक बनी

Image
छत्तीसगढ़ में यहां रहते हैं महिषासुर के वंशज असुर,  जानें क्या हैं हाल? Rani Damynti Deep Damoh (MP)  टीवी सीरियल और फिल्मों में भी असुरों के कई रूप आपने देखे होंगे, लेकिन लेकिन आज हम आपको वर्तमान के असुरों से रूबरू करा रहे हैं. आपने किताबों में पुरातन काल के असुरों के बारे में जरूर पढ़ा होगा पर आप ये नहीं जानते कि असुर समाज के लोग आज भी जीवीत हैं, लेकिन अब वे बदहाली का जीवन जी रहे हैं. छत्तीसगढ़ के जशपुर में विलुप्तप्राय हो चुके असुर जनजाति के कुछ लोग आज भी निवासरत हैं. असुर जनजाति के लोग बदहाली का जीवन जी रहे हैं. खुद को महिषासुर का वंशज बताने वाले असुर समाज ने अब सरकार से मदद की गुहार लगाई है. पुरातन काल के असुरों के बारे में आपने कई कहानियां पढ़ीं और सुनीं होंगी. टीवी सीरियल और फिल्मों में भी असुरों के कई रूप आपने देखे होंगे, लेकिन लेकिन आज हम आपको वर्तमान के असुरों से रूबरू करा रहे हैं. जशपुर के मनोरा विकासखण्ड के तीन गांवों में इतिहास के पन्नो में दर्ज असुर आज भी निवासरत हैं. छत्तीसगढ़ में मात्र ये जशपुर जिले के पहाड़ी इलाको में रहते हैं. असुर जाति के अस्तित्व पर खतरा असुर स...

UP के हाथरथ में योगी औऱ पुलिस का खेल

Image
हाथरस केस से फिर उठा सवाल,पुलिस सिस्टम में है जातिवाद?  -Komal Ahirwaर "रानी दमयंती दीप" दमोह मध्यप्रदेश इमेज स्रोत,  HINDUSTAN TIMES/GETTY IMAGES पुलिस अधिकारी अपने जूनियर से पूछता है, 'एफआईआर क्यों नहीं लिखी अब तक?' "सर केस इतना सीरियस लग नहीं रहा था" "कब लगता है सीरियस?" "इन लोगों के तो झूठे केस आते रहते हैं. अभी जनवरी में 'इनका' एक लड़का भाग गया था, इनके कहने पर किडनैपिंग का एफ़आईआर लिखा था सर, पूरे महीने 'इन लोगों' ने.." पुलिस अधिकारी गुस्से में पूछता है, "किन लोगों ने?" अफसर की डाँट सुनकर जूनियर पुलिसवाला सहम जाता है. लेकिन 'आर्टिकल-15' फ़िल्म का ये दृश्य कमज़ोर तबकों के साथ पुलिस के रवैये की चुगली कर जाता है. समाज में जातिवाद का सच ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जहां किसी जातीय हिंसा में पुलिस ने पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जांच में कोताही बरती, पर्याप्त सबूत इकट्ठा नहीं किए और अंत में मुख्य अभियुक्त कोर्ट से बरी हो गए. सरकारी और ग़ैर-सरकारी संस्थाओं की रिपोर्टें इस तरफ़ इशारा करती हैं कि पुलिस ...