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Showing posts from September, 2020

कोरोना से मृतक अस्थायी कर्मचारी के लिए आजाद समाज पार्टी के कोमल अहिरवार ने किया आंदोलन- -

दमोह/ आज जिला चिकित्सालय दमोह में अस्थायी कर्मचारी के रूप में  मात्र 3000 रुपए माह वेतन पर  स्वर्ग केशव प्रसाद रैकवार पदस्थ थे, जिनकी मौत कोरोना के संक्रमण से हो गई थी, जिन्हें किसी भी प्रकार का लाभ सरकार देना नही चाहती थी किन्तु दमोह के समाज सेवी एवं आजाद समाज पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कोमल अहिरवार ने मौर्चा संभाला और जिला चिकित्सालय के अस्थायी कर्मचारियों के सहयोग से मात्र 3 घण्टे सडक़ पर धरना प्रदर्शन कर। दमोह प्रशासन को शासकीय लाभ देने को मजबूर कर दिया। एवं मृतक केशव रैकवार के परिवार जनों को 25हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिये चैक,,एक बेटे को नॉकरी एवं 50लाख रुपये बीमा राशि दिलाने को मजबूर कर दिया। जब सम्पूर्ण मांगो को तहसीलदार श्रीमती बबीता राठौर जी से लिखित में ले ली।इसी दौरान रैकवार समाज और भाजपा के युवा नेता मोंटी रैकवार ने केरोसिन अपने शरीर पर डाल कर मृतक को न्याय दिलाने औऱ मरने का नाटक शुरू हो गया। जिसे देख दमोह के आम नागरिकों का कहना था नेता लाश पर राजनीति कर रहे। सम्पादक-वीरेश (गोपाल) सेन  (रानी दमयंती दीप दमोह)

मायावती है कांशीराम के मौत की जिम्मेदा

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मायावती हैं कांशीराम की मौत की जिम्‍मेदार, बीएसपी को वोट नहीं देंगे: कांशीराम के परिजन कोमल अहिरवार "मूकनायक"  रानी दमयंती दीप दमोह मध्यप्रदेश पंजाब/बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के संस्थापक कांशीराम की मौत पर फिर से विवाद खड़ा हो गया है. कांशीराम के परिजनों ने मायावती को उनकी मौत का जिम्मेवार बताते हुए मायावती के अध्यक्ष रहने तक बीएसपी को वोट नहीं देने का ऐलान किया है. उनके परिजनों ने मायावती पर कांशीराम और उनकी मां को आपस में नहीं मिलने देने का आरोप भी लगाया. बीएसपी सुप्रीमो मायावती को आम चुनाव लड़कर जीतने की चुनौती देते हुए कांशीराम के परिजनों ने सवाल उठाया कि कांशीराम की मौत के बाद मायावती कभी भी कोई चुनाव क्यों नहीं लड़ी. बहुजन समाज पार्टी चाहे केंद्र में अपने सहयोग से तीसरे मोर्चे की सरकार बनने का दावा कर रही है, लेकिन इस दावे को पार्टी के संस्थापक के परिवार ने कटघरे में खड़ा कर दिया है. जिसकी वजह से मायावती की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल पार्टी के संस्थापक कांशीराम के परिवार ने मायावती की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. कांशी की मौत पर उस वक़्त भी कई सवाल उठे थे और कई तर...