मध्य प्रदेश सरकार को तुग़लकी फरमान को वापस लेते हुए कैबिनेट ने अध्यादेश वापस लिया एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टालेने का फैसला लिया।
रानी दमयंती दीप दमोह मध्यप्रदेश प्रकाशक-कोमल अहिरवार "मूकनायक" मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर नया मोड़ आ गया है। कैबिनेट ने चुनाव निरस्त कराने को लेकर राज्यपाल के पास प्रस्ताव भेजा है। राज्यपाल प्रस्ताव पर मुहर लगाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव निरस्त करने के लिए निर्देश दे सकते हैं। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने जिस प्रकार निर्वाचन आयोग मध्यप्रदेश पर 4/12/21को दबाब बनाकर एक तुग़लकी फ़रमान जारी करवाया था। जिसमे बार बार हाई कोर्ट के आदेश के पालन का बहाना लिया गया था हमे मध्यप्रदेश त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव करवाना अतिआवश्यक है और निर्वाचन आयोग ने भाजपा सरकार के इशारे पर चुनाव कराने का निर्णय लिया था जो बिना परिसीमन बिना आरक्षण एवं पंच/सरपंच जनपद सदस्य या जिला पंचायत सदस्य के रुटेशन की बिना लिया गया। जो गैर संवैधानिक था इसके विरोध में विपक्ष लोग हाई कोर्ट ही नही सुप्रीम कोर्ट तक गए लेकिन वहाँ भी निर्वाचन आयोग की तरह न्याय व्यवस्था भी भाजपा सरकार के इशारों पर कठपुतली नाचती दिखी । निर्णय भी याचिका में मांगो के विरुद्ध OBC का आरक्षण समाप्त करने का दे दिया। इस निर्णय ने प...